Fifth Navratri Shayari on Sankadamata Mata


Phado per rehkar sansarik jivo me navchetna ka nirman karne wali sankada mata. Navratro me panchve din is devi ki pooja archana ki jati hai. Kehte hai ke inki kripa se mud bhi gyani ho jate hai. Sankadamata vatsalaya ki murti hai. Manyata anusar maa sankada ki pooja puttar prapti ke lia ki jati hai. Shri sankad ki mata hone ke karn hi inhe sankadamata kaha jata hai. Aap in shayari ko whatsapp,facebook per apne dosto rishtedaro ke sath bhi sanjha kar satke hai or unhe navratri ki subhkamnae de sakte hai. Sixth Navratri Shayari

Fifth Navratri Sankadamata Mata Shayari

मां स्कंदमाता : शास्त्रों में इसका काफी महत्व बताया गया है। इनकी उपासना से भक्त की सारी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं। भक्त को मोक्ष मिलता है। सूर्यमंडल की अधिष्ठात्री देवी होने के कारण इनका उपासक अलौकिक तेज और कांतिमय हो जाता है। अतः मन को एकाग्र रखकर और पवित्र रखकर इस देवी की आराधना करने वाले साधक या भक्त को भवसागर पार करने में कठिनाई नहीं आती है। उनकी पूजा से मोक्ष का मार्ग सुलभ होता है। यह देवी विद्वानों और सेवकों को पैदा करने वाली शक्ति है। यानी चेतना का निर्माण करने वालीं। कहते हैं कालिदास द्वारा रचित रघुवंशम महाकाव्य और मेघदूत रचनाएं स्कंदमाता की कृपा से ही संभव हुईं। Seventh Navratri Shayari in Hindi

मां स्कंदमाता का रूप : इस देवी की चार भुजाएं हैं। ये दाईं तरफ की ऊपर वाली भुजा से स्कंद को गोद में पकड़े हुए हैं। नीचे वाली भुजा में कमल का पुष्प है। बाईं तरफ ऊपर वाली भुजा में वरदमुद्रा में हैं और नीचे वाली भुजा में कमल पुष्प है। इनका वर्ण एकदम शुभ्र है। ये कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं। इसीलिए इन्हें पद्मासना भी कहा जाता है। सिंह इनका वाहन है। Shayari on Mahagauri Mata

पूजा विधी : सबसे पहले चौकी पर स्कंदमाता की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद गंगा जल या गोमूत्र से शुद्धिकरण करें। चौकी पर चांदी, तांबे या मिट्टी के घड़े में जल भरकर उस पर कलश रखें। उसी चौकी पर श्रीगणेश, वरुण, नवग्रह, षोडश मातृका (16 देवी), सप्त घृत मातृका (सात सिंदूर की बिंदी लगाएं) की स्थापना भी करें। इसके बाद व्रत, पूजन का संकल्प लें और वैदिक एवं सप्तशती मंत्रों द्वारा स्कंदमाता सहित समस्त स्थापित देवताओं की षोडशोपचार पूजा करें। इसमें आवाहन, आसन, पाद्य, अध्र्य, आचमन, स्नान, वस्त्र, सौभाग्य सूत्र, चंदन, रोली, हल्दी, सिंदूर, दुर्वा, बिल्वपत्र, आभूषण, पुष्प-हार, सुगंधित द्रव्य, धूप-दीप, नैवेद्य, फल, पान, दक्षिणा, आरती, प्रदक्षिणा, मंत्र पुष्पांजलि आदि करें। तत्पश्चात प्रसाद वितरण कर पूजन संपन्न करें। Hindi Shayari on Siddhidatri Mata

Best collection on Sankadamata shayari.

नवरात्रि के आगमन की तैयारी
राम-सीता के मिलन की तैयारी
असत्य पर सत्य की जीत की तैयारी
सबको आज इस पवित्र त्यौहार की बधाई

Navratri ke aangman ki tayari
Ram-Seeta je milan ki tyari
Aasatya per satya ki jeet ki tyari
Sabko aaj is pavitar tyohar ki badhai
Fourth Navratri Shayari in Hindi

“माँ” की “आराधना” का ये “पर्व” है
माँ की “9 रूपों की भक्ति” का ये पर्व है
बिगड़े काम बनाने_का ये पर्व है
“भक्ति” का “दिया_दिल_में_जलाने” का पर्व है

Maa ki aaradhna ka ye parv hai
Maa ki 9 rupoo ki bhagti ka ye parv hai
Bigde kam banane ka ye parv hai
Bhagti ka diya dil me jalane ka parv hai

सजा हे दरबार, एक ज्योति जगमगाई है
सुना हे नवरात्रि का त्योहार आया हैं
वो देखो मंदिर में मेरी माता मुस्करायी है
जय माँ दुर्गा

Shayari on Maa Sankada for Whatsapp.

Saja hai darbar ek jyoti jagmagai hai
Suna hai navratri ka tyohar aaya hai
Wo dekho mandir me meri mata muskurai hai
Jai maa durga

लक्ष्मी जी का हाँथ हो
सरस्वती जी का साथ हो
गणेश जी का निवास हो
औए माँ दुर्गा का आशीर्वाद हो
इस नवरात्रि आपके लिए खुशियों का पैगाम हो
Shayari on Mata Chandarghanta

Lakshmi ji ka hath ho
Saraswati ji ka sath ho
Ganesh ji niwas ho
Or maa durga ka aashirwad ho
Is navratre aapke lia khusion ka paigam ho

हमको था इंतजार वो घड़ी आ गई
होकर सिंह पर सवार माता रानी आ गई
होगी अब मन की हर मुराद पूरी
हरने सारे दुख माता अपने द्वार आ गई

Humko tha intejar wo ghadi aa gayi
Hokar singh per sawar mata rani aa gayi
Hogi ab maan ki har murad puri
Harane sare dukh mata apne dwar aa gayi

Best Shayari Collection for Navratri.

देवी माँ के कदम आपके घर में आयें
ख़ुशी से नहायें
परेशानियाँ आपसे आँखें चुरायें
नवरात्री की आपको ढेरों शुभ कामनाएं

Devi maa ke kadam aapke ghar me aae
Khusi se nahae
Pareshania aapse aankhe churae
Navratri ki aapko dher sari subhkamnae
Hindi Shayari on Bharamcharini Mata

पग-पग में फूल खिले
ख़ुशी आप सबको इतनी मिले
कभी न हो दुखों का सामना
यही है इस नवरात्रिि शुभकामना

Pug-Pug me full khile
Khusi aap sabko itni mele
Kabhi na ho dukho ka samna
Yahi hai is navratri ki subhkamnae

माँ की ज्योति से प्रेम मिलता है
सबके दिलों को मर्म मिलता है
जो भी जाता है माँ के द्वार
कुछ न कुछ जरूर मिलता है

Mata Sankada Shayari.

Maa ki jyoti se prem milta hai
sabke dilo ko marm milta hai
jo bhi jata hai MAA ke dwar
kuch na kuch jarur milta hai

नव दीप जले
नव फूल खिले
नित नई बहार मिले
नवरात्रि के इस पावन अवसर पर
आपको माता रानी का आशीर्वाद खूब मिले
First Navratri Shayari

Nav deep jale
nav ful khile
neet nayi bahar mile
navratri ke is paawan avsar par
aapko mata rani ka aashirwad khub mile

समाज का असली चेहरा दिखायेगी
वेदना से वन्दना बन जायेगी
हवस फेंक देती है सड़कों में निगलकर
वो कन्या फिर ‘नवरात्र’ में पूजी जायेगी

Samaj ka aasli chehra dikhlaegi
Vedna se vandana ban jae
Hawas fank deti hai sadko me nigalkar
Wo kanya fir Navratar me puji jaegi

Maa sankadamata ki aaradhna karne se bhagt alokik tej prapt karta hai. Iske sath hi maa sabke dukho ka nivaran karti hai, unke lia moksh ka dwar kholti hai. Ummid hai aapko humari navratri collection jarur pasand aaegi, in shayari ko apne dosto or rishtedaro ke sath bhi share kare or bhi achi post dekhne ke lia hmare home page per jaruar visit kare or comment karna na bhule. Maa sankada ka ashirwad aap sab per aise hi bana rahe.

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