Latest Shayari on Bachpan ki Yaaden for Whatsapp


बचपन की यादें जब कभी याद आती हैं आँखें नाम कर जाती हैं| वो दिन ऐसे होते हैं जो हर कोई चाहता हैं की लौट के आजायें | दोस्तों वो दिन लौट कर वापिस तो नहीं आ सकते पर आप चाहे तो हमारी दी हुई bachpan par shayari पढ़ सकते हैं| आप यह शायरियां किसी अपने को विश कर सकते हैं| इन शायरी को अपने दोस्त, भाई, बहन, माँ, पिता या छोटे बच्चे के साथ फेसबुक, व्हाट्सप्प या अन्य किसी सोशल साइट्स पर शेयर कर सकते हैं।  True Love Life Shayari

Bachpan ki yaaden shayari

हेल्लो दोस्तों, इस पेज पर हम आपके लिए पेश कर रहे हैं कुछ बेहतरीन बचपन शायरी, हम सभी को अपना बचपन का वक्त बहुत प्यारा होता है, बचपन हमारे जीवन का सबसे अच्छा हिस्सा होता है, यह बचपन की शायरी पढ़कर आप भावुक और जज्बाती हो जायेंगे, आपको अपने बचपन की यादें ताज़ा हो जाएँगी   Best Friend Shayari

Masumiyat ki Shayari.

ना कुछ पाने की आशा ना कुछ खोने का डर
बस अपनी ही धुन, बस अपने सपनो का घर
काश मिल जाए फिर मुझे वो बचपन का पहर

Na kuch pane ki aasha na kuch khone ka dar
Bas apni hi dhun, bas apne sapno ka ghar
Kash mil jae phir mujhe wo bachpan ka pehar.

रोने की वजह भी न थी
न हंसने का बहाना था
क्यो हो गए हम इतने बडे
इससे अच्छा तो वो बचपन का जमाना था...
Punjabi Love Shayari for Whatsapp

Rone ki wajah bhi na thi
Na hasne ka bahana tha
Kyomn ho gye hum itne bade
Isse acha to wo bachpan ka jamana tha..

कितने खुबसूरत हुआ करते थे
बचपन के वो दिन,
सिर्फ दो उंगलिया जुड़ने से
दोस्ती फिर से शुरु हो जाया करती थी।

Kitne Khoobsurat Hua Karte The
Bachpan Ke Wo Din,
Sirf Do Ungliyan Judne Se
Dosti Fir Se Suru Ho Jaya Karti Thi.

ये दौलत भी ले लो, ये शोहरत भी ले लो
भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी
मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन
वो कागज़ की कश्ती, वो बारिश का पानी

Ye daulat bhi lelo, ye shohrat bhi lelo
Bhale chin lo mujhse meri jawani
Magar mujhko lautado bachpan ka sawan
Wo kagaj ki kashti, wo barish ka pani.

Heart Touching Whatsapp Shayari.

आता है यद् मुझको
वो स्कूल का जमाना,
वो दोस्तों की शोहबत
वो ठहाके लगाना

Aata hai yad mujhko
Wo school ka jamana,
Wo dosto ki shohbat
wo tahake lgana.

बचपन भी कमाल का था
खेलते खेलते चाहें छत पर सोयें
या ज़मीन पर
आँख बिस्तर पर ही खुलती थी !!

Bachpan bhi kamal ka tha
Khelte khelte chahe chat per soe
Ya jamin per
Aankh bistar per hi khulti thi !!
Two Line Whatsapp Shayari

कागज की कश्ती थी पानी का किनारा था,
खेलने कि मस्ती थी दिल ये आवारा था,
कहां आ गए समझदारी के दलदल में,
वो नादान बचपन ही प्यारा था।

Kagaz Ki Kashti Thi Pani Ka Kinara Tha,
Khelne Ki Masti Thi Dil Ye Awara Tha,
Kaha Aa Gaye Samajhdari Ke Daldal Mein,
Wo Nadaan Bachpan Hi Pyara Tha.

कैसे भूलू बचपन की यादों को मैं,
कहाँ उठा कर रखूं किसको दिखलाऊँ?
संजो रखी है कब से कहीं बिखर ना जाए,
अतीत की गठरी कहीं ठिठर ना जाये.!

Kaise bhulu bachpan ki yadon ko main,
Khan utha kar rakhu kisko dikhau?
Sanjo rakhi hai kabse kahin bikhar na jae,
Aatit ki gathri kahin thithar na jae.

बचपन के दिन भी कितने अच्छे होते थे
तब दिल नहीं सिर्फ खिलौने टूटा करते थे
अब तो एक आंसू भी बर्दाश्त नहीं होता
और बचपन में जी भरकर रोया करते थे

Bachpan Ke Din Kitne Achhe Hote The
Tab Dil Nahi Sirf Khilone Tuta Karte The
Ab To Ek Aansu Tak Bhi Bardaasht Nahi Hota
Aur Bachpan Mein Jee Bharkar Roya Karte The

Two Lines Bachpan Shayari.

सुकून की बात मत कर ऐ दोस्त
बचपन वाला इतवार अब नहीं आता

Sukoon Ki Baat Mat Kar Aye Dost
Bachpan Wala Itwaar Ab Nahi Aata

झूठ बोलते थे फिर भी कितने सच्चे थे हम
ये उन दिनों की बात है जब बच्चे थे हम

Juth bolte the phir bhi kitne sache the hum,
Ye un dino ki bate hai jab bache the hum.

चलो आज बचपन का कोई खेल खेलें,
बड़ी मुद्दत हुई बेवजह हंसकर नहीं देखा।
Emotional Love Shayari

Chalo Aaj Bachpan Ka Koi Khel Khelen,
Badi Muddat Hui Bebajh Hans Kar Nahin Dekha.

मुझको यक़ीं है सच कहती थीं जो भी अम्मी कहती थीं
जब मेरे बचपन के दिन थे चाँद में परियाँ रहती थीं

Mujhko yakin hai sach kehti thi jo aami kehti thi
Jab mere bachpan ke din the chand pe pariyan rehti thi.

बचपन में जहां चाहा हंस लेते थे जहां चाहा रो लेते थे,
पर अब मुस्कान को तमीज़ चाहिए और आंसूओं को तनहाई.

Bachpan me jaha chaha has lete the jhan chaha ro lete the,
Per ab muskurane ko tamij chaea or aansuo ko tanhai.

Shayari Bachpan ki Yaadein.

यादे बचपन कि भूलती नहीं
सच्चाई से हमको मिलाती नहीं
जीना चाहते है हम बचपन फिर से
पर शरारतें बचपन कि अब हमे आती नहीं !

Yaden bachpan ki bhulti nahi
Sachhai se humko milati nahi
Jina chahte hai hum bachpan phir se
Per shararte bachpan ki ab hume aati nahi.

बचपन में कितने रईस थे हम
ख्वाहिशें थी छोटी-छोटी
बस हंसना और हंसाना
कितना बेपरवाह था वो बचपन

Bachpan Mein Kitane Rais The Hum
Khwaahishe Thi Chhoti-Chhoti
Bas Hansna Aur Hansaanaa
Kitanaa Beparwaah Thaa Wo Bachpan
Latest Birthday Shayari Wishes

याद आता है वो बीता बचपन
जब खुशियाँ छोटी होती थी
बाग़ में तितली को पकड़ खुश होना
तारे तोड़ने जितनी ख़ुशी देता था

Yaad Aata Hai Wo Biita Bachpan
Jab Khushiyaan Chhoti Hoti Thi
Baag Mein Titali Ko Pakad Khush Hona
Taare Todane Jitani Khushii Deta Tha

तभी तो याद है हमे
हर वक़्त बस बचपन का अंदाज
आज भी याद आता है
बचपन का वो खिलखिलाना
दोस्तों से लड़ना, रूठना, मनाना

Tabhi To Yaad Hai Hume
Har Waqt Bas Bachpan Ka Andaaz
Aaj Bhii Yaad Aata Hai
Bachpan Ka Wo Khilkhilaana
Doston Se Ladnaa, Rythnaa, Manaanaa

बहुत ही संगीन ज़ुर्म को,
हम अंज़ाम देकर आए हैं!
बढ़ती उम्र के साए से,
कल बचपन चुरा लाए हैं!

Bahut hi sangin jurm ko,
Hum aanjam dekar aae hai!
Badhti umar ke sae se,
Kal bachpan chura lae hai!

बचपन में लगी चोट पर मां की हल्‍की-हल्‍की फूँक और कहना कि बस अभी ठीक हो जाएगा! जब आप बच्चे होते हैं तो इस दुनिया में सब कुछ इतना अलग प्रतीत होता है। वे लापरवाह दिन और मासूम पल, सभी आज बहुत मायने रखते हैं और हमारे दिल को वापस आने के लिए उन्हें बस लंबा समय हो सकता है। ऐसी ही और भी बेहतरीन शायरी पढ़ने के लिए हमारे होम पेज पर विजिट कर सकते है और नीचे कमेंट करना ना भूले !

Post a Comment

0 Comments